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राम-केवट प्रसंग – आचार्य हरि भारद्वाज

दुर्गा सप्तशती: ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी


Virendra Sharma Celebrates Navaratri at Ealing Amman Temple

पुस्तक समीक्षा: क्लाइडोस्कोप: सतरंगी स्मृतियां : ख़ुदेजा ख़ान

यात्रा-वृत्तांत: जिब्राल्टर जलसंधि कराता ‘तान्जिर’ – डॉ. आरती लोकेश
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नमस्ते भारत के बारे में
नमस्ते भारत पत्रिका में आपकी कविता-कहानियां, लेख, समाचार या रिपोर्ट आदि आमंत्रित हैं। Namastey Bharat is a bilingual magazine English and Hindi both - invites poems, stories, articles, reports or any other literary contributions.
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Article | News

Durga Saptashati: The Spiritual Power of Navaratri and the Eternal Message of Goddess Durga
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।। Om Jayanti Mangala Kali Bhadrakali

Radiant Smiles: Bringing Hope and Happiness to Underprivileged Children
Every child deserves a chance to dream and the tools to chase that dream. For the many children

Virendra Sharma Celebrates Navaratri at Ealing Amman Temple
Sunday, 11th Oct 2026, London: Former Ealing Southall MP highlights the importance of cultural heritage, youth engagement, women

Labour Conference Speech: The Case for Democratic Reform
A Moment for Renewal: Reflections on Andy Burnham’s Labour Conference Speech and the Case for Democratic Reform Andy

GTC Punjabi UK launches UK NOW
A New show For Britain’s Punjabi and Indian Community Veteran journalist Anmol Kaur hosts the new programme, coming

Namastey Bharat Magazine’s Launch Ceremony
I was pleased to attend the launch of “Namastey Bharat”, a Hindi and English magazine, and the accompanying
कविताएँ

दो ग़ज़लें : बलजीत सिंह ‘बेनाम’
1. तुम्हारी यादें इनकी ज़ेबों में हरदम कंगाली है भिखमंगों की यार कहाँ दीवाली है। जागी आँखों से

कविता: तुम्हारी यादें – डॉ. कृष्ण कन्हैया
तुम्हारी यादेंदिल के दाहिने ख़ाने मेंबसाना चाहता हूँताकि रूक-रूक करछन-छन कर आगे बढ़ेऔर फेफड़े में अपनीअशुद्धियाँ दूर करे।

कविता: गीत-संग तुम्हारे ख़्वाब सजे – आकांक्षा द्विवेदी
संग तुम्हारे ख़्वाब सजे थे, साथ तुम्हारे जाना थाफिर क्यों साथी बीच राह में हमे छोड़ कर चले

कविता: ये मोहब्बतें पुरानी-सी – विवेक दाधीच
letterbox के ज़माने कीये मोहब्बतें पुरानी-सीकिसी ख़ुशबू वाली चिट्ठी-सीकिसी भीगी शाम सुहानी-सी एक काँपते हाथ को थामतादूसरा काँपता

चार ग़ज़लें – गिरीश पंकज
जहाँ कभी था वहीं आज जहाँ कभी था वहीं आज वो कुंठित बेचाराअपने में ही घुलता रहता चिंतित

कविता : रीज़ को पहुँचा आई – कमलजीत कौर
रीज़ को पहुँचा कर आ गईसपनों की देहरी तकजहाँ अब वह स्वयं करेगी चुनावअपने अनुभवों को देगी आकारअपने
जितना लिखोगे उतना निखरोगे
Write More, Grow More
भारतीय संस्कृति

राम-केवट प्रसंग – आचार्य हरि भारद्वाज
भगवान राम सीता और लक्ष्मण जब अयोध्या से बन को चले,रास्ते में गंगा नदी पड़ी। राम ने केवट

दुर्गा सप्तशती: ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।। रूपं देहि जयं देहि यशो

भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर
भारत की पावन भूमि संतों और महापुरुषों की तपस्थली रही है। हमारे संतों ने समाज को प्रेम, सत्य,

गीता में मन, चेतना और भारतीय मनोविज्ञान
मन क्या है? चेतना क्या है? हम अक्सर सोचते हैं क्या मनुष्य केवल शरीर औरमस्तिष्क से निकले किसी

लेख

पुस्तक समीक्षा: “अस्मि” – प्रो. जय कौशल
शिखा वार्ष्णेय के प्रथम उपन्यास पर एक पाठकीय समीक्षा हाल ही में शिवना प्रकाशन, मध्यप्रदेश से प्रकाशित शिखा

राम-केवट प्रसंग – आचार्य हरि भारद्वाज
भगवान राम सीता और लक्ष्मण जब अयोध्या से बन को चले,रास्ते में गंगा नदी पड़ी। राम ने केवट

दुर्गा सप्तशती: ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।। रूपं देहि जयं देहि यशो

पुस्तक समीक्षा: क्लाइडोस्कोप: सतरंगी स्मृतियां : ख़ुदेजा ख़ान
ज़िन्दगी के साथ क़दमताल करते यादों के कारवां ख़ैर सफ़र शुरू होता है; इसी के साथ शुरू होता

यात्रा-वृत्तांत: जिब्राल्टर जलसंधि कराता ‘तान्जिर’ – डॉ. आरती लोकेश
तान्जिर शहर के नाम के उच्चारण में बहुत दुविधा थी। लैटिन में यह ‘टिंगिस’ था, पुर्तगाली भाषा में

साक्षात्कार: मंजुश्री से डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे का साहित्यिक संवाद
वरिष्ठ साहित्यकार व “कथाबिंब पत्रिका की संपादक मंजुश्री से डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे का साहित्यिक संवाद साहित्य
साहित्यिक गतिविधियाँ

पुस्तक समीक्षा: क्लाइडोस्कोप: सतरंगी स्मृतियां : ख़ुदेजा ख़ान
ज़िन्दगी के साथ क़दमताल करते यादों के कारवां ख़ैर सफ़र शुरू होता है; इसी के साथ शुरू होता

साक्षात्कार: मंजुश्री से डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे का साहित्यिक संवाद
वरिष्ठ साहित्यकार व “कथाबिंब पत्रिका की संपादक मंजुश्री से डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पाँडे का साहित्यिक संवाद साहित्य

सात दिन, सात रंग – हिन्दी की ज्योति के संग: गुरुकुल यूके
लंदन। ब्रिटेन में हिंदी की अग्रणी संस्था “गुरुकुल यूके” ने शानदार कार्यक्रमों के विभिन्न सत्रों के साथ हिंदी

सिंगापुर में ‘वसुंधरा’ के तत्वाधान में आयोजित ‘धर्मक्षेत्र’ का सफल आयोजन
रविवार 6 सितंबर को, हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में, भारतीय उच्चायोग सिंगापुर के सहयोग से ‘वसुंधरा’ के बैनर

लंदन में हिंदी युवा संगम – लगातार चौथे वर्ष
लंदन, 11 सितंबर – हिंदी युवा संगम – 2026 कार्यक्रम का भव्य आयोजन लंदन के नेहरू सेंटर में

लन्दन और हिंदी कवितायें
लंदन, 5 सितंबर – लंदन की यह शाम हुई हिंदी के नाम, हिंदी की कविताओं के नाम। प्रसिद्ध
Indian Diaspora
ब्रिटेन से — प्रवासी भारतीय समाज
From Britain — The Indian Diaspora
UK की भारतीय संस्थाओं, कार्यक्रमों और समुदाय की आवाज़ें — एक ही जगह।
Voices from UK-based Indian organisations, events, and the community — all in one place.

राम-केवट प्रसंग – आचार्य हरि भारद्वाज
भगवान राम सीता और लक्ष्मण जब अयोध्या से बन को चले,रास्ते में गंगा नदी पड़ी। राम ने केवट

लंदन में हिंदी युवा संगम – लगातार चौथे वर्ष
लंदन, 11 सितंबर – हिंदी युवा संगम – 2026 कार्यक्रम का भव्य आयोजन लंदन के नेहरू सेंटर में


यूनाइटेड किंगडम में प्रेरणा का संगम- “संगम यू.के.”
भारतीय संस्कृति, हिंदी और सामाजिक एकता का सशक्त मंच भाषा के संरक्षण और संवर्धन को नई ऊर्जा देने


UPCA – An Introduction
एक विचार एक संगठन का निर्माण कर सकता है और समाज को बदल सकता है। इसी प्रेरणा से
कहानियाँ

कहानी: वापसी का सुख – डॉ. मनोज मोक्षेंद्र
कोई चौदह साल का होते-होते उसमें से बचपना तो गायब ही हो चुका था और वह हर बात

धूर्तता एक कला !
जो जितना बड़ा धूर्त, उसके व्यवहार में उतनी विनम्रता नज़र आएगी। उसकी भाषा में उतना ही लालित्य होगा

अरुणा सब्बरवाल – रॉकिंग-चेयर
ट्रक को आते देख कर उसकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा। वह इतनी ख़ुश थी कि अपनी ख़ुशी

कहानी: ज़िदंगी एक ख़ाली कुर्सी – आशीष मिश्रा
ज़िदंगी एक ख़ाली कुर्सी – ला पॉइंटे बर्मिंघम के व्यस्त इलाक़े न्यू स्ट्रीट स्टेशन के पास एक पुराना
पुस्तक

पुस्तक समीक्षा: “अस्मि” – प्रो. जय कौशल
शिखा वार्ष्णेय के प्रथम उपन्यास पर एक पाठकीय समीक्षा हाल ही में शिवना प्रकाशन, मध्यप्रदेश से प्रकाशित शिखा

पुस्तक समीक्षा: क्लाइडोस्कोप: सतरंगी स्मृतियां : ख़ुदेजा ख़ान
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“गाएगा युग” : पुस्तक समीक्षा – डॉ. नैब सिंह मंडेर
गाएगा युग – हाइकु संग्रह – कश्मीरी लाल चावला हाइकु जापान की विश्वप्रसिद्ध काव्य विधा है, जिसमें 5–7–5

विश्व पुस्तक मेला
कविताओं की पुस्तक “क्या हारा क्या जीत गया” – वाणी प्रकाशनVani Prakashan – विश्व पुस्तक मेला हिंदी कविताओं
संपादकीय

दुर्गा सप्तशती: ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।। रूपं देहि जयं देहि यशो

हमारे संत

भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर
भारत की पावन भूमि संतों और महापुरुषों की तपस्थली रही है। हमारे संतों ने समाज को प्रेम, सत्य,
FAQ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Frequently Asked Questions
नमस्ते भारत क्या है?What is Namastey Bharat?
नमस्ते भारत किसके लिए है?Who is Namastey Bharat for?
क्या मैं अपनी कविता, कहानी या लेख नमस्ते भारत पर भेज सकता/सकती हूँ?Can I submit my poetry, stories, or articles to Namastey Bharat?
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क्या नमस्ते भारत पर ब्रिटेन की भारतीय संस्थाओं की जानकारी भी मिलती है?Does Namastey Bharat also cover UK Indian community organisations?
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